Sunday, March 2, 2025

विश्वविद्यालयों में घपलेबाजी

श्रीमान कुलपति महोदय 
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ 

विषय : एमएस कॉलेज के चित्रकला विभाग में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के दरमियान धांधली की घटना के संबंध में;

मान्यवर

किसने रिस्टोर किया मुझे उसकी जानकारी नहीं पर कालेज के नोटिस बोर्ड और समाचार पत्रों ने जो छापा है संलग्न कर रहा हूँ 

इस पूरे प्रकरण को दबाने के लिए डॉ.दीना नाथ महामंत्री मुटा, डॉ.ए.के. गौतम, डॉ.के.डी.पाण्डेय, डॉ.योगेन्द्र सिंह तोमर, डॉ.रेणु त्यागी एवं डॉ.हेमंत राय सब लोग डॉ.मनपाल सिंह प्रिंसिपल एम्.एम्.एच.कालेज के कहने पर  दबाव बनाकर और बनवाकर असत्य से आपको अवगत कराया गया था कि परीक्षक तीनों दिन रहे हैं, सबसे पहले इन्होने कुछ छात्रों को 

भड़काया और डॉ.मनपाल सिंह प्रिंसिपल एम्.एम्.एच.कालेज ने तो सब जानते हुए उनके आवेदन को कुलपति/कुलसचिव च.चरण सिंह विश्वविद्यालय को फॉरवर्ड भी किये हैं जिसकी प्रति संलग्न कर रहा हूँ.

विश्वविद्यालय के प्रयोगात्मक परीक्षा गोपनीय के 'गुप्ता' जी ने फोन कर कहा था अब एम्.एम्.एच.कालेज गाजियाबाद कि चित्रकला की प्र.परीक्षा जो निरस्त की गयी थी वह परीक्षाएं अब दुबारा नहीं होंगी. तब रजिस्ट्रार श्री प्रभात रंजन से भी मैंने पूछा था तो उन्होंने कहा था की हाँ परीक्षाएं रिस्टोर कर दी गयी हैं.

(आपको याद होगा की आपने डॉ.मनपाल सिंह प्रिंसिपल एम्.एम्.एच.कालेज गाजियाबाद के असहयोग और परीक्षाओं में सुचिता न बरतने के कारण परीक्षाओं में सुचिता बनाने हेतु डॉ. एन.के अग्निहोत्री (सेवा निवृत विभागाध्यक्ष भूगोल) को एम्.एम्.एच.कालेज गाजियाबाद का केंद्र पर्यवेक्षक नियुक्त किये गए थे और उन्होंने प्राचार्य की मनमानी और बेईमानी की शिकायतें भी की थीं.)

इसपर मैं आपसे समय लेकर अपने सहयोगियों के साथ यह तथ्य रखने हेतु मिला की इस प्रकार की धांधली हुयी है परन्तु मैं अपने तथ्यों को मौखिक रूप से आपके सम्मुख रखा था, तब मेरे पास प्रमाणिक तौर पर कुछ भी नहीं था क्योंकि डॉ.कमलेश दत्त पाण्डेय विभागाध्यक्ष थे और उन्ही कि देखरेख में यह सब हो रहा था क्योंकि ये वही वक्त था जब इन्होने मेरे खिलाफ कुछ अपने चहेते छात्र छात्राओं को अंकों का प्रलोभन देकर  फर्जी शिकायत बनवा और करवा रहे थे, जिसमे फिजिकल एजुकेशन के डॉ. योगेन्द्र सिंह तोमर जिन्होंने प्राचार्य कि जगह परीक्षा तीन दिन कराये जाने का प्रमाण पत्र दिया है जबकि वह डीग्री स्तर के विभाग के हैं व् डॉ.कमलेश दत्त पाण्डेय विभागाध्यक्ष महाविद्यालय के सबसे वरिष्ठतम प्राध्यापक और यहाँ तक कि प्राचार्य से भी वरिष्ठ, फिर इन्होने परीक्षा तीन दिन कराये जाने का प्रमाण पत्र क्यों नहीं दिया ? 

परन्तु  मैंने आप की गरिमा को मद्देनज़र रखते हुए उसी दिन यह संकल्प लेते हुए बाहर आया था की आपको सही तथ्यों से अवगत कराने की पूरी कोशिश करूंगा '' क्योंकि आपने इन भ्रष्ट और बेईमानी पर खड़े अपराधियों से मेरी रक्षा की थी, तब मैंने आप में मानव के रूप में 'भगवान' को देखा था और भक्तिभाव से अभिभूत था.

सर मैं हाई स्कूल में विज्ञानं का विद्यार्थी था. घर में साहित्यिक पत्र पत्रिकाएं आती थीं - धर्मयुग, साप्ताहिक हिंदुस्तान,दिनमान,सारिका और कादम्बिनी. कादम्बिनी में एक कबिता छपी थी "मिश्र शतक" शीर्षक से पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र की जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे उस पूरे शतक की सभी लाइनें बहुत अच्छी थीं पर ये दो लाइने-

कलाकार देता नहीं युगधारा का साथ,
बहती गंगा में नहीं धोता है वह हाथ.
मैं तब से उक्त दो पंक्तियों को मन में गांठ की तरह बांध कर रख लिया और आज तक विचलित नहीं होता हूँ .
आशा है जीवनभर निर्वहन कर सकूँगा. 
सर आप ने हिम्मत दी है अन्याय से लड़ने की मैं कोशिश करूँगा इस तरह की शैक्षणिक बेईमानियाँ और भ्रष्टाचार उजागर हों. 
पर जब व्यवस्था आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुयी हो .
सादर 
आपका 
रत्नाकर 

From-
Dr.Lal Ratnakar
Associate Professor & Head
Department of Drawing & Painting
M.M.H.College Ghaziabad-201001
Uttar Pradesh (INDIA) 
Mob;919810566808
----------------------
Res;
R-24,Raj Kunj, Raj Nagar
Ghaziabad-201002
0120 2828780

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